kabhi aati hai khamoshi 
दोस्ती दुनिया की वो ख़ुशी है,
जिसकी ज़रूरत हर किसी को हुई है,
गुजार के देखो कभी अकेले ज़िन्दगी,
फिर खुद जान जाओगे के दोस्ती के बिना ज़िन्दगी भी अधूरी है.
कीसी का दिल तोड़ना हमारी आदत नहीं
कीसी का दिल दुखाना हमारी फितरत में नहीं
भरोसा रखना हम पर तुम
दोस्त कह कर कीसी को यूँ ,हम बदलते नहीं
हर ख़ुशी दिल के करीब नहीं होती,
ज़िन्दगी गमो से दूर नहीं होती,
ये दोस्त मेरी दोस्ती को संभल कर रक,
सच्ची दोस्ती हर किसी को नसीब नहीं होती.
तेरी दोस्ती हम इस तरह निभाएंगे तुम रोज़ खफा होना
हम रोज़ मनायेंगे पर मान जाना मनाने से
वरना यह भीगी पलकें ले के कहा जायेंगे.
इतना प्यार पाया है आप से..
उस से ज्यादा पाने को जी चाहता है.
नजाने वो कौन सी खूबी है आप में.
की आप से दोस्ती निभाने को जी चाहता है...

बल्की दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में..
जरुरत नहीं पडती, दोस्तों की तस्वीर की.
देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..
येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज..
दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में..
नाम की तो जरूरत ही नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी..
पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में..
कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी..
दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में..
सिर्फ़ भ्रम है कि दोस्त होते हैं अलग-अलग..
दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में..
ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि..
भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में


Wafa ruswa nahi karna… Suno aisa nahi karna Mai pehle hi akela hu Muje tanha nhi karna, Judai aa b jaye to Ye dil chota nhi karna Bohat musroof ho jana Muje socha nhi karna, Barosa b zarori hai Magar sub ka nhi karna Muqadar to muqadar hai kabi shikwa nahi karna Meri takmeel tum se hai muje adha ni karna suno aisa soocha nahi kerna.

Mujse mat pooch ki kyun aankh jhuka li maine, teri tasveer thi jo tujhse chupa li maine, jis pe likha tha ki tu mere muqaddar mein nahi, apne maathe ki woh tehreer mita li meine, har janm sabko yahaan sachha pyaar kahaan milta hai, teri chaahat mein to umr bita li meine, ghere rehti hai mujhe ek anokhi khushbu, teri yaadon se har ek saans saja li meine, jiske sheron ko woh sunke bahut roya tha, bas wohi ek ghazal sabse chupa li meine…






